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बिहार में बढ़ते अपराध पर समर्थ नारी समर्थ भारत का विरोध, राष्ट्रपति शासन की मांग

समर्थ नारी समर्थ भारत की बैठक में बिहार में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर चिंता जताई गई। माया श्रीवास्तव ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की।

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समर्थ नारी समर्थ भारत
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महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर समर्थ नारी समर्थ भारत की ओर से प्रदेश कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए संगठन की राष्ट्रीय सह संयोजिका एवं बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल प्रभारी माया श्रीवास्तव ने कहा कि देश में महिलाएं और मासूम बेटियां सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष पुष्पा पाठक ने की। संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष नीरू सिंह ने किया और धन्यवाद ज्ञापन पटना महानगर अध्यक्ष अनीता मिश्रा ने दिया। बैठक में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।

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माया श्रीवास्तव ने बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि हाल के दिनों में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ गंभीर आपराधिक घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। उन्होंने दरभंगा, सिवान, पटना, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज और मोतिहारी समेत कई जिलों की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार पर अपराध रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार समय रहते सख्त कदम नहीं उठाती है तो महिलाओं का आक्रोश सड़क पर दिखाई देगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है और प्रशासनिक तंत्र प्रभावी कार्रवाई करने में असफल साबित हो रहा है।

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बैठक में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

माया श्रीवास्तव ने देश की महामहिम राष्ट्रपति से अपील की कि बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जाए और आवश्यक कदम उठाए जाएं। बैठक में कई महिला पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे और महिलाओं की सुरक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने का संकल्प लिया।

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