Capital of Bihar: बिहार की राजधानी कहां है?

पटना के कुछ पुराने नाम भी काफी प्रचलित हैं। आज भी कई जगहों पर पटना को पाटलिपुत्र के नाम से जाना जाता है। पटना शहर के अन्य नामों में पाटलिग्राम, पाटलिपुत्र, पुष्पपुर, कुसुमपुर, अजीमाबाद के नाम से भी बुलाया जाता था।

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बिहार की राजधानी कहां है?
बिहार की राजधानी कहां है?

Capital of Bihar: बिहार की राजधानी पटना है। पटना प्राचीन शहर है जो लंबे समय से अस्तित्व में रहा है। मौर्यकालीन समय में पटना विश्व का सांस्कृतिक, राजनैतिक केंद्र हुआ करता था। आजादी से पहले अंग्रेजों के समय पटना अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का केंद्र था।

जब भी किसी के मन में बिहार की राजधानी को लेकर सवाल होता है तो वह गूगल पर सवाल पूछते हैं कि बिहार की राजधानी कहां है? यदि आपके मन में भी बिहार की राजधानी को लेकर सवाल है तो आप सही जगह पर हैं। आज हम पटना के बारे में कुछ संक्षिप्त जानकारियां आपसे साझा करेंगे।

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भारत में पटना का नाम सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले शहरों में से भी गिना जाता है। पटना उन शहरों में शामिल है जिनकी जनसंख्या अधिक है। 2021 में हुई जनगणना के मुताबिक, पटना की कुल जनसंख्या 2.38 करोड़ थी। धीरे-धीरे यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

यह शहर गंगा नदी के तट पर स्थित है और भारत के अनेक क्षेत्रों से सड़क तथा रेलवे मार्ग से जुड़ा हुआ है। यहां पर जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी है। इस प्रकार पटना देश के प्रमुख शहरों से हवाई मार्ग से भी जुड़ा हुआ है। वर्तमान बिहार में अन्य प्रमुख नगर भी हैं। भागलपुर, गया, मुजफ्फरपुर, पटना जैसे नगर बिहार में है। हालांकि बिहार का मुख्य और सबसे बड़ा नगर पटना ही है।

बिहार के पूर्व में स्थित भागलपुर जिला का भागलपुर शहर को सिल्क शहर के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर सिल्क का उत्पादन प्रमुख रूप से होता है। भागलपुर सिल्क के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है और यहां पर सिल्क की साड़ियां बहुत ज्यादा मात्रा में पाई जाती है। इसके अलावा भागलपुर शहर आम के कारण भी प्रसिद्ध है। भागलपुर शहर का मालदा आम लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। बिहार का ही दूसरा शहर मुजफ्फरपुर लीची की वजह से प्रसिद्ध है। मुजफ्फरपुर की लीची की दीवानी पूरी दुनिया है।

पटना बिहार की राजधानी कब बनी?

1912 में बंगाल विभाजन के बाद पटना को संयुक्त बिहार की राजधानी बनाई गई। हालांकि मगध काल में भी पटना का महत्व बहुत अधिक था और यह बहुत ही बड़ा अंतरराष्ट्रीय केंद्र हुआ करता था। 1912 में संयुक्त बिहार में उड़ीसा तथा बिहार दोनों एक साथ थे। बाद में 1935 में बिहार का विभाजन करके एक नया राज्य उड़ीसा बनाया गया। उस समय भी बिहार की राजधानी पटना ही थी।

वर्तमान समय में पटना को जिस रूप में हम देखते हैं वह ऐसा पहले नहीं था। पटना के बारे में कई लेखकों ने बड़ा ही सुंदर वर्णन किया है। पटना के कुछ पुराने नाम भी काफी प्रचलित हैं। आज भी कई जगहों पर पटना को पाटलिपुत्र के नाम से जाना जाता है। पटना शहर के अन्य नामों में पाटलिग्राम, पाटलिपुत्र, पुष्पपुर, कुसुमपुर, अजीमाबाद के नाम से भी बुलाया जाता था।