हावड़ा में मिथिला पेंटिंग की धमक, महिलाओं को पूरे बंगाल में प्रशिक्षण दिया जाएगा – माया श्रीवास्तव

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हावड़ा में मिथिला पेंटिंग की धमक
हावड़ा में मिथिला पेंटिंग की धमक

कोलकाता। हावड़ा के मल्लिक फटक में कला संगम एवं समर्थ नारी समर्थ भारत के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने मिथिला पेंटिंग का प्रदर्शन किया। कला संगम की संचालिका एवं समर्थ नारी समर्थ भारत की राष्ट्रीय सह संजोजिका एवं बिहार-झारखंड वेस्ट बंगाल की प्रभारी माया श्रीवास्तव ने महिलाओं को संगठन की ओर से प्रशिक्षण दिया था।

महिलाओं ने जीवंत पेंटिंग बनाकर दर्शकों को अचंभित कर दिया। पेंटिंग बनाने वाली महिलाओं में सीमा सिंह, सरिता सिंह, प्रीति गुप्ता, गुड़िया गुप्ता, पुतूल गुप्ता, रीता साव, पिंकी साव, सुधा गुप्ता, संगीता शर्मा, अनिमा बनर्जी, कविता घोष, सुनीता दत्त, रिंकू बोस, रीता कर्ण, सीमा चटर्जी, सुधा वर्मा, पिंकी कर्ण का पेंटिंग सभी ने सराहा।

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इस अवसर पर संगठन की राष्ट्रीय सह संयोजिका माया श्रीवास्तव ने सभी महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज मधुबनी पेंटिंग पूरे विश्व में लोकप्रिय हो गया है। आज बंगाल भी आज अछूता नहीं रहा। संगठन बंगाल की महिलाओं को मधुबनी पेंटिंग बनाने के लिए ट्रेनिंग कैंप का आयोजन करेगी।

हावड़ा में मिथिला पेंटिंग की धमक
हावड़ा में मिथिला पेंटिंग की धमक

इस अवसर पर श्रीमती श्रीवास्तव ने कहा कि मधुबनी पेंटिंग महिलाओं के लिए सांस्कृतिक पाचन के रूप में कार्य करती है। कई ऐसी पेंटिंग है जो धार्मिक आध्यात्मिक, अभिव्यक्ति में निहित है, जो हिंदू महाकाव्यों और पौराणिक कथाओं को भी दर्शाती हैं। इसके अलावा मधुबनी पेंटिंग बिहार में ग्रामीण या शहरी महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण स्रोत बन गई है, जो उन्हें आजीविका के अवसर प्रदान करती है।

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श्रीमती श्रीवास्तव ने कहा कि अभी तक तो महिलाओं ने सूती एवं सिल्क के कपड़े पर ही मधुबनी पेंटिंग बनाती थी। संगठन की महिलाओं ने नेट के पापड़े पर मधुबनी पेंटिंग बनाकर लोगों को अचंभित कर दिया। अध्यक्षता गीता वर्मा, संचालन रीना सिंह और धन्यवाद ज्ञापन प्रीति ने किया।