पटना में कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या पर उबाल, मुख्यमंत्री और DGP का किया गया पुतला दहन

कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या ने पटना के व्यापारियों को झकझोर दिया है। अब वे खुलकर सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। मुख्यमंत्री और DGP को हटाने से लेकर व्यापारी सुरक्षा तक, कई मांगें अब आंदोलन का कारण बन रही हैं।

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पटना में कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या पर उबाल
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Protest Against Gopal Khemka Murder: पटना में कारोबारी गोपाल खेमका (Gopal Khemka) की हत्या के खिलाफ व्यापारियों और समाजसेवियों का गुस्सा अब सड़कों पर नजर आने लगा है। बुधवार 9 जुलाई को पटना के गांधी मैदान स्थित कारगिल चौक पर समाजसेवी विजय कुमार के नेतृत्व में स्थानीय व्यापारियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) और डीजीपी विनय कुमार (DGP Vinay Kumar) का पुतला जलाया। यह प्रदर्शन संध्या 6 बजे शुरू हुआ और धीरे-धीरे भारी भीड़ जमा हो गई।

आठ मांगों के साथ व्यापारियों का विरोध
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने आठ सूत्रीय मांगों की घोषणा की। सबसे बड़ी मांग मुख्यमंत्री से इस्तीफे की रही। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मुख्यमंत्री राज्य चलाने में पूरी तरह असफल रहे हैं। साथ ही उन्होंने DGP को बर्खास्त करने की भी मांग की।

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CBI जांच की मांग और परिवार की सुरक्षा
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने मांग रखी कि गोपाल खेमका की हत्या के साथ-साथ उनके बेटे गुंजन खेमका की हत्या की भी CBI जांच (CBI Inquiry) होनी चाहिए। इसके साथ ही परिवार को सरकारी सुरक्षा देने की मांग की गई। प्रदर्शन में यह भी मांग की गई कि बिहार में व्यापारियों के लिए विशेष थाना (Special Police Station) बने और उन्हें आत्मसुरक्षा के लिए आर्म्स लाइसेंस (Arms License) में प्राथमिकता दी जाए।

बढ़ते अपराध पर गहरी चिंता
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिहार में हत्या (Murder), बलात्कार (Rape), लूट (Loot), डकैती (Dacoity) और पुलिसिया जुल्म जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने सरकार से ऐसे मामलों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। इस विरोध में ब्रजेश कुमार, विजयकांत सिन्हा, राजेश कुमार गुप्ता, राजू कुमार, खुर्शीद आलम, विकास कुमार सहित दर्जनों स्थानीय व्यापारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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सरकार की चुप्पी से बढ़ा गुस्सा
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हत्या के बाद सरकार और प्रशासन की तरफ से कोई ठोस जवाब नहीं आया है, जिससे आम व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आगे आंदोलन और भी तेज किया जाएगा।

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