बखरी के बहुआरा पंचायत में बाल संरक्षण समिति का गठन

सहभागिता एवं विकास का अधिकारों पर विस्तार से जानकारी देने के बाद, बाल श्रम, बाल शोषण, बाल व्यापार , बाल विवाह इत्यादि से हाने वाली समस्याओं पर चर्चा करते हुए निजात हेतु समाज में व्यवहारिक परिवर्तन लाने की बात कही।

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हरिओम कुमार। उड़ान परियोजना के तहत सेव द चिल्ड्रेन/यूनिसेफ के तहत प्रखंड समन्वयक मनोज कुमार निराला ,सी.सी. एच. टी. सह जयमती महिला शिशु मंदिर बखरी से रंजित कुमार तथा पंचायत प्रतिनिधि एवं आगनवाड़ी पर्यवेक्षिका के सहयोग से बखरी प्रंखड के पंचायत बहुआरा में मुखिया श्री जनांर्दन यादव की अध्यक्षता में पंचायत स्तरीय पंचायत बाल संरक्षण समिति की गठन की गई।

जिसमें मुख्य चर्चा के बिंन्दु निम्न प्रकार हैं-

1.अभिनन्दन व परिचय

2.बाल संरक्षण समिति के गठन तथा उद्देश्य एवं कार्य जिम्मेदारी ! समिती का पंचायत और स्तरीय संरचना पर विस्तृतपूर्वक चर्चा हुआ! समिति के अध्यक्ष मुखिया जी,उपाध्यक्ष उपमुखिया ,सचिव आगनवाड़ी पर्यवेक्षिका तथा पंचायत स्तरीय जनप्रतिनिधि एवं हितधारक तथा पदाधिकारी इसके पादेन सदस्य होते हैं ! इस समिति में पंचायत के सभी हितधारकों की सदस्यता इसलिए है कि, किसी भी स्तर पर बच्चों सम्बन्धित समस्या हो तो सुगमता पूर्वक आसानी से समाधान किया जा सके। मनोज निराला ने बताया की, 18 वर्ष से नीचे के किशोर-किशोरी/बच्चों को ही बच्चा कहते हैं, संयुक्त राष्ट्र संघ में बाल अधिकार समझौता विश्व स्तरीय 1989 में हुई थी जिसमें 54 बाल अधिकार पारित किए गए थे उसमें से मुख्य चार बाल अधिकार

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1. जीने का अधिकार

2. सुरक्षा का अधिकार

3. शिक्षा का अधिकार

4. सहभागिता एवं विकास का अधिकारों पर विस्तार से जानकारी देने के बाद, बाल श्रम, बाल शोषण, बाल व्यापार , बाल विवाह इत्यादि से हाने वाली समस्याओं पर चर्चा करते हुए निजात हेतु समाज में व्यवहारिक परिवर्तन लाने की बात कही।

समस्याओं का निजात हेतु चाइल्ड लाईन नम्बर-1098, महिला हेल्प लाइन नम्बर-181 एवं बाल श्रम हेतु व्हाट्सएप नम्बर-9471229133 ,पुलिस नम्बर -100 इत्यादि पर विस्तार से जानकारी दी गई।

सामाजिक सुरक्षा योजना सम्बंधित कन्या सुरक्षा योजना, कन्या उत्त्थान योजना, कौशल विकास, स्टूडेंट्स क्रेडिट कार्ड, आँगन वाड़ी योजना, विद्यालय योजना, छात्रवृत्ति योजना अन्य पंचायत स्तरीय मनरेगा इत्यादि, परवरिश, स्पॉन्सरशिप, विवाह योजना ,जन्म,विवाह, प्रवासी मजदूर पंजीकरण इत्यादि पर विस्तृत चर्चा खुले सत्र में की गई जिसमें उपस्थित सभी हितधारकों की सहभागिता रही।

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जयमती महिला शिशु मंदिर के डायरेक्टर रंजित कुमार ने कहा की, गठनोपरांत चयनित सदस्यों का कार्य व दायित्व वार्ड/पंचायत स्तरीय बच्चों सबंधित खतरों से निजात हेतु माह में एक बार बैठक करके समस्या समाधान करने का प्रयास जारी रखना है।

अंत में सर्व सम्मति से यह निर्णय लिया गया कि, पंचायत/वार्ड स्तरीय बाल संरक्षण समिति का बैठक माह में एक बार की जाएगी तथा अध्यक्ष महोदय द्वारा सभी को धन्यवाद ज्ञापन करते हुए आज की कार्यवाही को समापन किया गया। इस मौके पर शिक्षक, चौकिदार, मुखिया, सभी वार्ड सदस्य, आगनवाड़ी सेविका, आशा,मीना मंच/ बाल संसद के बच्चे तथा अन्य पंचायत स्तरीय हितधारक एवं ग्रामीणों की सफल भागीदारी रही।

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